आज भारत बनेगा सुपर पावर, चीन और पाकिस्तान को छोड़ा पीछे

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भारत के लिए आज एक अहम दिन है। भारत आज मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम यानी एमटीसीआर में शामिल हो जाएगा। दुनिया के चार महत्वपूर्ण परमाणु टेक्नोलॉजी निर्यात करने वाले खास देशों के समूह में एमटीसीआर सबसे खास है. हाल ही में परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के समूह एनएसजी में शामिल होने की कोशिश की नाकामी के बाद इसे बेहतर माना जा रहा है। आपको बता दें कि बीते साल भी भारत ने एमटीसीआर की सदस्यता के लिए आवेदन किया था।

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आज विदेश सचिव एस जयशंकर फ्रांस, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग के राजदूतों की मौजूदगी में इस क्लब में शामिल होने के दस्तावेज पर दस्तखत करेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एनएसजी की सदस्यता न मिलने को नाकामी मानने से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में हमें अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।

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एमटीसीआर में शामिल हो जाने के बाद आने वाले समय में भारत रूस के साथ मिलकर बनाई गई सुपरक्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को अन्य देशों को बेच सकेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि हमने पिछले साल एमटीसीआर की सदस्यता के लिए आवेदन किया था और सारी प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।

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