हम भारत के साथ सबसे खराब समय में भी खड़े रहे: रूस

0
फाइल फोटो।
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

नई दिल्ली। दूसरी परमाणु पनडुब्बी लीज पर देने सहित इस महीने 12 अरब डालर से अधिक के सौदे कर चुके रूस को भारत से और सौदे हासिल होने की उम्मीद है। रूस ने स्वयं को भारत का केवल एक व्यापारिक साझेदार ही नहीं, बल्कि एक ऐसा ‘‘मित्र’’ बताया जिसने उसके ‘‘सबसे खराब समय’’ में भी उसका साथ दिया।

रूस के एक शीर्ष रक्षा अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि इसकी कोई सीमा नहीं कि भारत और रूस मिलकर क्या कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और यूरोपीय देश वह कभी नहीं दे सकते जो रूस दे सकता है और जिसकी उसने पेशकश की है।

इसे भी पढ़िए :  कांगो के लुआलाबा प्रांत के कोलवेजी में भूस्खलन, 28 लोगों की मौत

रोस्टेक स्टेट कापरेरेशन के सीईओ सर्गेई चेम्जोव ने कहा कि ‘‘हम न केवल सबसे कारगर हथियार और सबसे महत्वपूर्ण हथियारों की आपूर्ति करने को तैयार हैं, बल्कि हम अपनी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी देना भी जारी रखेंगे।’’ रोस्टेक स्टेट कापरेरेशन 700 उच्च तकनीक वाले असैन्य एवं सैन्य कंपनियों का एक समूह है।

उन्होंने कहा कि ‘‘रूस एक व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि एक मित्र और एक सहयोगी है। रूस भारत के साथ उसके सबसे खराब समय में भी खड़ा रहा। अगले वर्ष हम अपनी मित्रता के 70 वर्ष पूरे करेंगे। यह एक लंबा समय है।’’ उन्होंने कहा कि रूस भारत के साथ तब भी खड़ा रहा जब 1998 परमाणु परीक्षण के बाद उस पर प्रतिबंध लगे थे।

इसे भी पढ़िए :  BREAKING NEWS: भारत ने अंतरिक्ष में एक साल लॉन्च की 104 सैटलाइट, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

जारीचेम्जोव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नजदीकी सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘रूस न केवल दिन प्रतिदिन सैन्य आपूर्ति बल्कि सबसे संवेदनशील और सबसे महत्वपूर्ण आपूर्तियों में भी सहयोगी है। इसमें एक परमाणु पनडुब्बी भी शामिल है जिसे भारत को उसके इस्तेमाल के लिए लीज पर दिया गया।’’

जब उस कड़ी प्रतिस्पर्धा के बारे में पूछा गया जो अमेरिका और यूरोपीय देश भारतीय रक्षा बाजार में रूस को दे रहे हैं, उन्होंने कहा कि ‘‘इसके बारे में सोचिये, मुझे नहीं लगता कि कोई और देश यह करेगा। न ही अतीत में और न ही भविष्य में। मैं इसकी कल्पना नहीं कर सकता कि अमेरिका और यूरोपीय देश भारत को ऐसी रणनीतिक चीज दे रहे हैं।’’

इसे भी पढ़िए :  भारत में लुप्त होने की कगार पर गधे लेकिन पाकिस्तान कर रहा है इनसे मोटी कमाई, जानिए कैसे?

रूस ने न केवल भारत को एक परमाणु चालित पनडुब्बी लीज पर दी, उसने भारत की परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पहली स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत बनाने में सक्रिय तौर पर मदद की जिसे भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया है।

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse