जाने 2016 में सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसले

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हाजी

हाजी अली दरगाह में महिलाओं की एंट्री

इस साल हाजी अली दरगाह की मुख्य मजार में महिलाओं को एंट्री मिलना बड़ी बात रही। 5 साल के इंतजार के बाद महिलाओं को चादर चढ़ाने का मौका मिला। बैन पर महिला संगठनों ने कोर्ट से गुहार लगाई थी, जिसके बाद अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने पुरुषों की तरह महिलाओं को जाने की इजाजत देने का फैसला सुनाया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 26 अगस्त को दरगाह में महिलाओं को मजार तक जाने की परमिशन दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

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डांस बार फिर से शुरू करने का आदेश

महाराष्ट्र में डांस बार दोबारा शुरू करने के मामले में आ रही रुकावटों को लेकर इस साल सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने साफ कहा कि राज्य में डांस बार बंद नहीं होंगे। सरकार ने जो नए नियम लगाए हैं उन पर जवाब दे। बार मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके लाइसेंस जारी करने के मामले में राज्य पुलिस की ओर से लगाई जा रही अतिरिक्त शर्तों का विरोध किया था। कोर्ट ने पुलिस को 1 मार्च के पहले जवाब देने को कहा है।कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि दोबारा डांस बार खोलने के फैसले को बदला नहीं जाएगा।

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उत्तराखंड में लगा केंद्र सरकार को झटका

उत्तराखंड में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने सरकार का साथ छोड़ दिया था। बजट से जुड़े एक प्रस्ताव पर 18 मार्च को 9 कांग्रेसी विधायकों ने बीजेपी के साथ वोटिंग की थी। इसके बाद 27 मार्च को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। लेकिन स्पीकर ने बागी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया।हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पीकर के इस फैसले को सही ठहराया। इसके बाद ही विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग संभव हो पाई जिसे जीतकर कांग्रेस की हरीश रावत सरकार वापस सत्ता में आ गई।

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