इस एक गलती के चलते सफेद होने से रह गया गुजराती कारोबारी का 13 हजार करोड़ रुपये का काला धन

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जब आयकर विभाग ने जांच की तो पाया कि शाह ने अहमदाबाद के कई बड़े कारोबारियों के कालेधन को अपना बताकर आय की स्वैच्छिक घोषणा के तहत घोषित किया था।  आयकर विभाग महेश शाह के अकाउंटेट के कार्यालय की तलाशी ली है। माना जा रहा है कि आयकर विभाग को जो दस्तावेज मिले हैं उनसे इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट उसी रात 12 बजे से बंद करने की घोषणा की थी। घोषणा के अनुसार बंद किए गए नोट 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा किए जा सकते हैं। सरकार की घोषणा के अनुसार 30 दिसंबर तक जो लोग बंद किए जा चुके नोटों में अपनी अघोषित आय स्वैच्छिक रूप से घोषित कर देंगे उन पर करीब 50 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। जिन लोगों की अघोषित आय आयकर विभाग की जांच में सामने आएगी उन पर करीब 75 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा और अगर विभाग चाहेगा तो उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना भी लगा सकता है।

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