
उसका आरोप था कि भरत ने उसे काम दिलाने के बहाने पुणे से अहमदाबाद बुलाया लेकिन बाद में उसे ट्रैफिकिंग में धकेल दिया। शिकायत के आधार पर अदलज पुलिस ने उसे 21 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था और बाद में उसे साबरमती केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। उसने इससे पहले 26 अक्टूबर को भी जमानत की अर्जी दाखिल की थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था।
भरत माली के वकील जगत पटेल ने कहा, ‘भरत, 25 बेड वाले हॉस्पिटल के डायरेक्टर हैं जो सितंबर 2015 में शुरू हुआ था। 2001 से भरत इनकम टैक्स भर रहे हैं। लिहाजा दूसरे नागरिकों की ही तरह उन्हें भी अपने पुराने 500-1000 के नोट बदलने के लिए जमानत मिलनी चाहिए। मेरे क्लायंट को अस्थायी जमानत चाहिए। अगर हम चार्जशीट का इंतजार करेंगे तो बहुत देर हो जाएगी। क्योंकि तब तक पुराने नोट बदलने की समय सीमा खत्म हो चुकी होगी और मेरे क्लायंट को नुकसान होगा।































































