आंदोलन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई लोग घायल

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लखनऊ के लक्ष्मण मेला पार्क में आंदोलन कर रहे शिक्षा प्रेरकों ने आज लखनऊ में विधानभवन का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। जिसके बाद उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, प्रदर्शनकारी समायोजन और वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर सीएम अखिलेश यादव से वार्ता करने की मांग कर रहे थे। हालांकि इनकी सीएम से वार्ता तो नहीं हुई लेकिन पुलिस को लाठी जरूर मिली। बाद में लाठीचार्ज से नाराज़ शिक्षा प्रेरकों ने भी पुलिस पर जमकर पथराव किया और उनके वाहन भी तोड़े।

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पिछले 22 सितम्बर से शिक्षक आंदोलन पर बेठे थे,शिक्षा प्रेरक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षा प्रेरकों ने आज लखनऊ में विधानभवन का घेराव कर दिया। शिक्षा प्रेरकों का विधानभवन का घेराव करने का कार्यक्रम पहले से प्रायोजित था बावजूद इनको रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यावस्था नहीं की गई। यही वजह रही कि हजारों की संख्या में विधानभवन के सामने पहुचे शिक्षा प्रेरकों सड़क जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। शिक्षा मित्र की तरह ही यह भी खुद के समायोजन और 15 हजार रूपये मानदेय देने की मांग कर रहे थे। वर्तमान में इनको केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इनको संयुक्त रूप 2 हजार रूपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। बीएड, पीएचडी , बीटीसी और उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षा प्रेरको का कहना है कि इतने कम मानदेय में इनका गुजारा संभव नहीं है

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जिसके चलते ही यह पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में धरने पर बैठा थे। यहाँ धरना – प्रदर्शन करने के दौरान इनकी मांगों पर विचार करने का इन्हें भरोसा भी दिया। गया लेकिन यह सिर्फ कोर आस्वासन ही था। इसी बात से नाराज़ शिक्षा प्रेरकों ने यहाँ घेराव किया जिसके बाद पुलिस और इनके बीच जमकर पथराव, लाठीचार्ज और तोड़फोड़ हुई। शिक्षा प्रेरकों का दावा है कि पुलिसिया बर्बरता के चलते के उनके महिला साथी समेत 5 लोग घायल है जिनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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