तिरंगे का अपमान करने वाले पर oppo कंपनी ने लिया एक्शन, चीनी कर्मचारी को किया बाहर

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Oppo

चीनी स्मार्टफोन मेकर Oppo ने बुधवार को अपने चीनी कर्मचारी सुहाहु को नौकरी से निकाल दिया, जिसने कथित तौर पर तिरंगे को फाड़ कर कूड़ेदान में डाल दिया था। ओप्पो ने फिलहाल नॉएडा के सेक्टर 63 स्थित ऑफिस शुक्रवार तक बंद कर दिया है । यह मामला तब गरमाया जब बुधवार को Oppo कंपनी के अन्य कर्मचारी सड़क पर आकर तिरंगे के अपमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे और उनका साथ दिया सेक्टर 63 के स्थानीय लोगों ने।

इस पूरे प्रकरण में Oppo की तरफ से मीडिया को बयान दिया गया कि “इस घटना पर पूरी सम्बंधित इन्वेस्टीगेशन करने के बाद हमने इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए चीनी कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है, हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद जताते हैं और यह साफ़ करना चाहते हैं कि यह घटना एक व्यक्तिगत स्वभाव से उत्त्पन्न हुआ कार्य है और इसमें हमारी कंपनी का कोई हाथ नहीं है,”this is an individuals behaviour that is no way represents our company’s position.”

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आपको बता दें कि बुधवार को हंगामे के बाद Oppo कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया था, साथ ही भारत माता की जय के नारे लगाते हुए पूरी कंपनी में राष्ट्रीय ध्वज के पोस्टर लगाये और 12 घंटे तक कंपनी के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, कोतवाली फेज तीन पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने पर चीन के मूल निवासी और कंपनी के अधिकारी सुहाहू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कंपनी में काम करने वाले सुमित उपाध्याय ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सुहाहू परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कैंटीन व कंपनी के अंदर लगे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के पोस्टर को फाड़कर कूड़ेदान में डाल दिया। ऐसा करते कंपनी के कर्मचारियों ने देख विरोध जताया तो चीन के मूल निवासी अधिकारियों ने एक न सुनी।

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डे शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के माध्यम से यह जानकारी नाइट शिफ्ट के कर्मचारियों को मिली तो वह शाम करीब बजे कंपनी पहुंचे और तिरंगे के अपमान पर नाराजगी जाहिर की। कोई कार्रवाई न होने पर कर्मचारी सोमवार रात करीब 12 बजे कंपनी के अंदर इकट्ठा हुए और जगह-जगह तिरंगे के पोस्टर लगा दिये।साथ ही भारत माता की जय के नारे लगाते हुए सैकड़ों कर्मी कंपनी के बाहर आकर राष्ट्रीय ध्वज थामकर धरने पर बैठ गए। गुस्सा देख चीनी अधिकारी चले गए।

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मंगलवार सुबह सात बजे इसकी जानकारी मीडिया से मिली तो भारी संख्या में फोर्स पहुंची। कोई कार्रवाई नहीं की तो नाराज कर्मचारियों ने सड़क जाम कर दिया। इसी बीच डे शिफ्ट के कर्मचारी भी आ गए, वह भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। साथ ही हिदू युवा वाहिनी के लोग भी धरना-प्रदर्शन करने लगे। मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे पुलिस अधिकारियों ने सुहाहू के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कहकर आंदोलनकारियों को शांत किया और आखिरकार सुहाहू को नौकरी से निकाल दिया गया।