‘धर्म राष्ट्र का आधार है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए’

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

विदर्भ में किसानों की आत्महत्या पर चिंता जताते हुए भागवत ने कहा कि किसानों को उनके उत्पादों का समुचित मूल्य मिलना चाहिए और उन्हें ऐसी तकनीकों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जो मानवता और प्रकृति के लिए हानिकारक नहीं हैं।

इसे भी पढ़िए :  राहुल आजकल भाषण नहीं देते, बल्कि बिलखते हैं: रविशंकर प्रसाद

उन्होंने कहा कि ‘‘पंडित दीनदयाल त्यागी प्रवृति के व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना जीवन समाज के सबसे निचले व्यक्ति की सेवा में अर्पित कर दिया, क्योंकि उसके विकास के बिना किसी को भी विकास बताने का दावा नहीं किया जा सकता।’’

इसे भी पढ़िए :  सीएम अखिलेश का टूटा सपना, ड्रीम प्रोजेक्ट पर गिरी गाज
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse