‘धर्म राष्ट्र का आधार है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए’

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फाइल फोटो।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार(8 अक्टूबर) कहा कि किसी को धर्म को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह ‘‘राष्ट्र का आधार है।’’ जनसंघ नेता दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने यह बात कही। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर भी इस अवसर पर मौजूद थे।

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भागवत ने कहा कि ‘‘किसी को अपने धर्म को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्र का आधार है और देश परिवार के सिद्धांत पर चलता है तथा भारत में परिवार की संकल्पना अनूठी है।’’ उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन और संस्कृति देश की बहुलता में एकता पर बहुत कुछ कहती हैं।

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उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले भारत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों में से था, लेकिन विदेशी शासनों के कारण वह निचले पायदान पर पहुंच गया। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने रासायनिक उर्वर्रकों के प्रयोग के खिलाफ सरकार को चेताया था और जैविक खाद के प्रयोग को बढ़ावा देने को कहा था।

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