कालेधन का खुलासाः नोटबंदी के बाद बोरों में भरकर जलाए गए 500-1000 के नोट

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फोटो: साभार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करार दिए जाने के बाद देश भर में गहमागहमी का माहौल है। लोगों का कहना है कि सरकार ने यह कदम उठाकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है।

इसके साथ ही 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को बंद करने के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली में कालेधन का एक बड़ा खुलासा देखने को मिला है। जी हां, बरेली में बोरों में भरकर ऐसे नोटों को जलाए जाने का मामला सामने आया है। यहां 500-1000 के नोटों से भरी बोरियां जली मिलीं।

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सूत्रों के मुताबिक, शहर के सीबी गंज इलाके में पारसा खेड़ा रोड पर नोटों से भरी इन बोरियों को एक कंपनी के कर्मचारियों ने यहां लाकर जला दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ऐसा लग रहा है कि इन नोटों को फाड़कर जलाया गया है।

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एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि नोट जलाने की सूचना पर मैं जांच के लिए परसाखेड़ा गया था। जांच चल रही है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।  पुलिस ने इन जले हुए नोटों को जब्त कर लिया है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों को घटना के संबंध में जानकारी दे दी गई है।

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आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार, आतंकवाद, कालाधन, जाली नोटों के गोरखधंधे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान करते हुए मंगलवार(8 नवंबर) की रात मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के नोटों के प्रचलन को समाप्त करने की घोषणा की।