वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और वकील अभिषेक सिंघवी नहीं देंगे जलीकट्टू को चुनौती

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हालांकि सिंघवी ने एक दिन बाद ही केस नहीं लड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले कई सालों से जानवरों के अधिकारों का चर्चित समर्थक हूं। मैं केरल के कुत्तों सहित कई मामलों में कोर्ट में पेश भी हो चुका हूं। लेकिन राज्य में कांग्रेस पार्टी की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, मैंने अपने पूर्व फैसले से पीछे गठने का निर्णय लिया है।’

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तमिलनाडु विधानसभा ने जलीकट्टू को वैध बनाने का कानून एकमत से पास किया। यहां प्रत्येक पार्टी इस पर्व का समर्थन कर रही है। ऐसे में सिंघवी द्वारा इसको चुनौती देना कांग्रेस के खिलाफ जा सकता है।

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