बुलंदशहर गैंगरेप: आजम खान की बिना शर्त माफी को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर किया

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

ध्यान रहे कि आजम के बयान की जानकारी मिलने पर कोर्ट ने इसे बेहद गंभीरता से लिया था। अगस्त में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था – “संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति क्या ऐसा बयान दे सकता है? इससे पीड़ित की मनोदशा पर क्या असर पड़ेगा? कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी होती है। ऐसे बयानों से आम आदमी का भरोसा सिस्टम के उठता है।”

इसे भी पढ़िए :  महिला शूटर का अपने कोच पर सनसनीखेज आरोप, रेप के बाद मारने की दी धमकी

नेताओं और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की अनर्गल बयानबाज़ी पर विस्तार से सुनवाई की ज़रूरत बताते हुए कोर्ट ने इस मसले पर सलाह देने के लिए वरिष्ठ वकील फली नरीमन को अमाइकस क्यूरी नियुक्त किया था।

इसे भी पढ़िए :  बुलंदशहर रेप केस: पुलिस ने ही नष्ट किए थे सबूत- सीबीआई

सुप्रीम कोर्ट ने आज ये साफ किया कि आज़म के माफीनामे के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी जाएगी। लेकिन मंत्रियों की बेतुकी बयानबाज़ी पर वो सुनवाई करता रहेगा। इस बारे में विस्तार से सुनवाई कर भविष्य में ऐसे बयानों पर लगाम लगाने के लिए नियम बनाए जाएंगे।

इसे भी पढ़िए :  यूपी चुनाव का बजा बिगुल : ओपनियन पोल ने उड़ाई पार्टियों की नींद ! क्या कहती है यूपी की जनता और कौन होगा अगला सीएम ? देखिए-विशेष चर्चा 'पोल में झोल' COBRAPOST DEPTH

कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर बड़े पदों पर बैठे लोगों को कुछ भी बोलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। ऐसे बयानों की लक्ष्मण रेखा तय करनी ज़रूरी है।

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse