धरी रह गयी सुप्रीम कोर्ट और सरकार की दलील, मोबाइल तलाक को महापंचायत ने बताया वैध

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उटावड गांव के सरपंच और पंचायत के मुखिया आस मोहम्मद ने बताया कि पंचों ने इस केस में पति पक्ष को 35 लाख रूपए देने को कहा था लेकिन उनकी तरफ से इसके खिलाफ अपील कर दी। जिसके बाद अपील पर 10 लाख रूपए की कटौती कर दी।

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गौरतलब है कि मलाई गांव के नसीम ने अपनी पत्नी को मोबाइल पर तलाक दे दिया था। जिस पर विवाद खड़ा हो गया था।

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