सिर्फ 500 रूपए में IAS कपल की शादी, तीन साल पहले हुई थी मुलाक़ात

0
500 रूपए

एमपी कैडर के IAS आशीष वशिष्ठ ने सोमवार को आंध्र प्रदेश कैडर की सलोनी सिडाना से भिंड कोर्ट में शादी कर की। आशीष के मुताबिक, शादी में सिर्फ महज 500 रुपए खर्च हुए। दोनों ने फर्स्ट अटेम्प्ट में ही 2013 में सिविल सर्विसेस एग्जाम क्लियर किया था। मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रेनिंग के दौरान नजदीकियां बढ़ीं। फिर शादी का फैसला लिया।

नोटबंदी के दौर में शादी वाले घर पैसों की दिक्कत से गुजा रहे हैं। हालांकि मोदी सरकार ने शादी वाले परिवारों को 2.50 लाख रुपए निकालने तक की छूट दे दी है उसके बावजूद लोगों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इन सब के बीच दो आईएएस ने बहुत साधारण तरीके से शादी करके लोगों के सामने मिसाल कायम की है।

इसे भी पढ़िए :  सपा में मची हैं रार, अमर सिंह कोलकाता में ले रहे हैं गोलगप्पे और कुल्फी के मजे

 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस शादी में महज 500 रुपए खर्च हुए हैं। आशीष वशिष्ठ ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात ट्रेनिंग सेंटर में हुई थी। दोनों ने एक साथ ट्रेनिंग ली है। जब उनसे लव मैरिज को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अरेंज मैरिज है। फिलहाल भिंड के गोहद में एसडीएम हैं, तो सलोनी भी प्रोबेशनर अफसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वह अभी आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एसडीएम हैं।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी का असर, RBI के कानून में होगा बदलाव

 
आशीष ने बताया कि कैडर बदलने के लिए दोनों को विधिवत तौर पर शादी करना जरूरी था। इस इस वजह से एसडीएम आशीष वशिष्ठ ने भिंड के एडीएम कोर्ट में शादी के लिए आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि कैडर बदलने की प्रक्रिया में एक से दो महीने का समय लगता है। आशीष ने बताया कि वह राजस्थान के अलवर से ताल्लुक रखते हैं जबकि उनकी पत्नी सलोनी पंजाब के जलालाबाद की रहने वाली हैं।

इसे भी पढ़िए :  सरकार के दावों को धता बताकर बैंकों में चल रही है मनमानी, दिल्ली- NCR के बैंकों में बिना इंक लगाए ग्राहकों को बांटा जा रहा है कैश। देखिए पूरी पड़ताल COBRAPOST IN-DEPTH LIVE

 
गौरतलब है कि इससे पहले सूरत जिले में भी एक जोड़े ने 500 रुपए कैश में शादी की थी। सूरत में हुई इस शादी पर केवल 500 रुपये का खर्च आया। इतने कम खर्चे में हुई अपनी शादी पर दुल्हन दक्षा ने कहा, “शुरू में जब मोदीजी ने नोटबंदी की घोषणा की थी तो हम परेशान हो गए थे, क्योंकि हमारी शादी की तारीख पहले से तय हो रखी थी। बाद में स्थिति का सामना करते हुए हमने शान-ओ-शौकत के बिना शादी करने का फैसला लिया। मेहमानों को हमने चाय-पानी पिलाकर उनकी खातिरदारी की।”