पत्नियां करा रही थीं पति की जासूसी, पढ़िए फिर क्या हुआ

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जासूसी
प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार
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मुंबई : देश की मायानगरी की काफी महिलाएं प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियों से अपने पतियों की जासूसी करवा रही हैं। यह सनसनीखेज खुलासा मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) लीक मामले की अब तक की जांच में सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने इस केस में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है पर इन आरोपियों को जिस पुलिस अधिकारी के जरिए यह CDR मिला, उसकी गिरफ्तारी अभी होनी है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में शक की सुई राजस्थान के एक सब- इंस्पेक्टर पर जा रही है। यह सब- इंस्पेक्टर दिल्ली पुलिस के एक केस में भी वॉन्टेड है।

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जांच में पता चला है कि जब कुछ महिलाओं को अपने पति की हरकतों पर कुछ शक हुआ, तो उन्होंने गूगल के जरिए प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियों के नंबर निकाले और फिर इन एजेंसियों से जुड़े लोगों से संपर्क करके उन्हें अपने पतियों के नंबर दे दिए। कुछ मामलों में पतियों के वाकई में अफेयर निकले। वहीं, ज्यादातर मामलों में डिटेक्टिव एजेंसी वालों ने पति के निर्दोष होते हुए भी फर्जी CDR बनाकर इसमें कुछ लड़कियों के नंबर जबरन फिट कर दिए और जासूसी करवाने वाली महिलाओं को गुमराह कर दिया कि उनके पतियों के सिर्फ एक नहीं, कई लड़कियों से अफेयर हैं। इन लड़कियों के CDR निकालने के बहाने आरोपियों ने जासूसी करवाने वाली महिलाओं से जमकर रुपये वसूले। जासूसी करवाने वाली महिला आर्थिक रूप से जितनी संपन्न होती थी, आरोपी उसे उसके पति या पति की तथाकथित गर्लफ्रेंड या गर्लफ्रेंड्स के CDR निकलवाने के उतने ही ज्यादा रेट बताते थे। कई मामलों में प्रति CDR 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक लिए गए। जांच में यह बात भी सामने आई कि कॉलेज की कई स्टूडेंट्स ने अपने बॉयफ्रेंड के मोबाइल नंबर भी इन डिटेक्टिव एजेंसियों को दिए। इन स्टूडेंट्स से CDR की अपेक्षाकृत कम रकम ली गई।

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