29 विदेशी उपग्रहों को ले जाने वाले भारतीय काटरेसैट उपग्रह की उलटी गिनती शुरू, कल होगा लॉन्च

0
उपग्रहों

चेन्नई : भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) के साथ पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट और 30 उपग्रहों के शुक्रवार को होने वाले लॉन्च की उल्टी गिनती गुरुवार से शुरू हो गई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सुबह 5.29 बजे उपग्रहों के प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू हुई। पीएसएलवी अपने साथ 29 विदेशी और एक भारतीय उपग्रह को ले जाएगा।भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि ईंधन भरने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

इसे भी पढ़िए :  यह टेलिकॉम कंपनी दे रही है सबसे सस्ता डेटा ऑफर

मिशन रेडीनेस रिव्यू (एमआरआर) समिति और लॉन्च ऑथराइजेशन बोर्ड (एलएबी) ने बुधवार को यान के लॉन्च की 28 घंटे की उल्टी गिनती को हरी झंडी दी थी।भारत शुक्रवार को 712 किलोग्राम वजनी काटरेसैट-2 सीरीज और 30 अन्य उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा।इसरो के अनुसार, पीएसएलवी रॉकेट के एक्सएल वैरियेंट के शुक्रवार सुबह 9.29 बजे लॉन्च होने की संभावना है।इसरो ने कहा कि इन 30 उपग्रहों का कुल भार 243 किलोग्राम और काटरेसैट को मिलाकर सभी 31 उपग्रहों का कुल भार 955 किलोग्राम है। यह रॉकेट उपग्रहों को 505 किलोमीटर दूर ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा (एसएसओ) में स्थापित करेगा।

इसे भी पढ़िए :  अब केरोसिन से रॉकेट उड़ाने की तैयारी में है इसरो, पूरी रिपोर्ट पढ़कर चौंक जाएंगे

यह यान 14 देशों से 29 नैनो उपग्रह लेकर जा रहा है, जिसमें ऑस्ट्रया, बेल्जियम, ब्रिटेन, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया और अमेरिका के साथ-साथ भारत का एक नैनो उपग्रह भी शामिल है। 15 किलोग्राम वजनी भारतीय नैनो सैटेलाइट एनआईयूएसएटी तमिलनाडु की नोरल इस्लाम यूनिवर्सिटी का है। यह उपग्रह कृषि फसल की निगरानी और आपदा प्रबंधन सहायता अनुप्रयोगों के लिए मल्टी-स्पेक्ट्रल तस्वीरें प्रदान करेगा।

इसे भी पढ़िए :  2020 तक एक अरब भारतीयों के हाथ में होगा मोबाइल