‘साइकल’ के लिए EC के दरबार में मुलायम का बेटे पर तंज, ‘मरे हुए लोगों के साइन लेकर आए हैं अखिलेश’

0
मुलायम
फ़ाइल फोटो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

समाजवादी पार्टी में जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच अभी तक ये तय नहीं हो पाया किसाइकल चुनाव चिह्न पर अखिलेश यादव खेमे का हक है या मुलायम सिंह यादव गुट का। लेकिन सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जिस तरह की दलीलें पेश की गई उससे लगता है कि दोनों तरफ कटुता काफी बढ़ गई है। हालांकि कुछ दिन पहले पिता मुलायम सिंह की तरफ से बेटे अखिलेश के लिए थोड़ी नरमी देखी गयी थी लेकिन आयोग में सुनवाई के दौरान उनका और उनके वकीलों का रुख साफ इशारा कर रहा था कि वह किसी हाल में झुकने को तैयार नहीं हैं, और न किसी तरह का समझौता करने को राजी हैं और ‘साइकल’ हासिल करने के लिए वह हर तरह के दांव-पेंच आजमाएंगे।

इसे भी पढ़िए :  सपा कुनबे में कलह जारी, अखिलेश ने चाचा शिवपाल के 5 करीबियों को पार्टी से निकाला

 

मुलायम ने आयोग में अखिलेश की तरफ से जमा किए गए हलफनामे की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी दलील में कहा, “अखिलेश यादव के समर्थन में जो हलफनामे सौंपे गए हैं, उनमें कुछ ऐसे लोगों के भी साइन हैं जो इस दुनिया में अब नहीं हैं, और कुछ ऐसे है जो कोमा में हैं।”

इसे भी पढ़िए :  इलाहाबाद में आज राहुल और अमित शाह होंगे आमने-सामने, रोड शो कर दिखाएंगे दम

 

 

मुलायम कैंप के एक वकील ने यह भी बताया कि ज्यादातर हलफनामों में ‘हेल्ड’ शब्द को हर जगह ‘हेल्प’ लिखा गया है, जिससे पता चलता है कि इन्हें सिर्फ कटपेस्ट किया गया है और बड़ी संख्या में पेपरों को जमा कराने का मकसद सिर्फ यह कि आयोग को इन्हें देखने में ज्यादा वक्त लगे और उन्हें अतिरिक्त समय मिल जाए। बता दें कि अखिलेश गुट की ओर से एक लाख से ज्यादा पेपर चुनाव आयोग में जमा किए गए थे। कहा गया था कि इनमें पार्टी के उन सांसदों, विधायकों, एमएलसी और प्रतिनिधियों के हलफमाने शामिल हैं, जो लखनऊ में हुए उस अधिवेशन में शामिल हुए थे जिसमें अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया था।

इसे भी पढ़िए :  मुलायम vs अखिलेश : कौन करेगा समाजवादी 'साइकल' की सवारी ? फैसला आज

अगली स्लाइड में पढ़ें खबर का बाकी अंश

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse