नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के प्रयास में विफलता के एक दशक के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि चीन ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध नहीं किया था, बल्कि पहले चरण के चुनाव (स्ट्रॉ पोल) में उनके पक्ष में मतदान किया था।
थरूर ने हांगकांग आधारित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ में लिखे लेख ने कहा कि ‘‘10 साल पहले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार के तौर पर मैंने इस बार के मतदान को बहुत रूचि के साथ देखा है। इसी के साथ मैं 2006 के चुनाव को लेकर कई संदर्भ भी पढ़े जो निश्चित तौर पर गलत हैं।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘जब विशेष रूप से भारत में कुछ प्रकाशित हुआ है तो उस पर मैंने गोपनीयता के करारों के तहत जवाब नहीं देना जरूरी समझा। मुख्य रूप से पूर्वी एशिया के पाठकों के लिए एक बिंदु को स्पष्ट करना जरूरी है। यह असत्य है कि भारत के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के लिए मेरे प्रयास में चीन ने अवरोध पैदा किया था।’’
उनका यह लेख पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री एंटोनियो गुतेरेस के नया महासचिव चुने जाने के संदर्भ में प्रकाशि हुआ है। 2006 में दक्षिण कोरिया के पूर्व विदेश मंत्री बान की मून ने 2006 में थरूर को हराया था।