आतंक के आकाओं से मिले पाक के गृहमंत्री, इमरान खान के विरोध मार्च में शामिल होंगे आतंकी!

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आतंकी

पाकिस्तान सरकार अब खुलेआम आतंकी समूहों को समर्थन कर रही है। पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान ने दो प्रतिबंधित समूहों के प्रमुखों से मुलाकात की है जिसमें से एक को अमेरिका ने खूंखार आतंकी घोषित किया हुआ है। यह मुलाकात इस आशंका के बीच हुई है कि ये संगठन अगले हफ्ते होने वाले इमरान खान के विरोध मार्च में शामिल हो सकते हैं जो भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बर्खास्तगी की मांग कर रहा है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख खान ने धमकी दी है कि वह दो नवंबर को राजधानी इस्लामाबाद को बंद कर देंगे।

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तालिबान के गॉडफादर माने जाने वाले मौलाना समी-उल-हक ने ऐलान किया था कि उनकी दिफ्श-ए-पाकिस्तान काउंसिल (डीसीसी) प्रदर्शन में शामिल होगी जिस वजह से सरकार में खलबली मच गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश में मदरसों को निशाना बना रही है। हक ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार (21 अक्टूबर) को निसार से मुलाकात की थी। उनके प्रतिनिधिमंडल में प्रतिबंधित अहल-ए-सुन्नत वल जमात (एएसडब्ल्यूजे) के मौलाना मोहम्मद अहमद लुधियानवी और प्रतिबंधित हरकत-उल-मुजाहिदीन (एचयूएम) के मौलाना फजल-उल-रहमान खलील सहित अन्य शामिल थे।

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एचयूएम को प्रतिबंधित करने के बाद खलील ने अंसार-उल-उम्मा संगठन स्थापित किया था। एसडब्ल्यूजे, प्रतिबंधित शिया विरोधी सिपाह-ए-सेहाबा पाकिस्तान (एसएसपी) का उत्ताधिकारी है लेकिन कुछ साल पहले इसे भी प्रतिबंधित कर दिया गया था। प्रतिनिधिमंडल के नेता सरकार द्वारा उन लोगों के राष्ट्रीय पहचान पत्र रद्द करने के ऐलान से गुस्सा थे जो चौथी सूची में शामिल हैं। इसका मतलब यह हुआ कि उनके लिए देश में कोई कारोबार करना या पासपोर्ट बनवाना अंसभव है।

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