पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की वजह से आरएसपी और माकपा के बीच मतभेद

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पश्चिम बंगाल। माकपा की सहयोगी दल रिवोल्युशनरी सोशललिस्ट पार्टी ने कहा कि यदि माकपा कांग्रेस के साथ बनी रही तो वह गठबंधन से अलग हो जाएगी। आरएसपी की पश्चिम बंगाल सचिव क्षिति गोस्वामी ने कहा, ‘‘हमने माकपा से स्पष्ट कहा है कि कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन, मोर्चा या तालमेल नहीं होगा। हम कांग्रेस और भाजपा दोनों के विरूद्ध हैं। हमारे लिए दोनों एक समान हैं।

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गोस्वामी ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘हम सभी ने कांग्रेस के साथ गठजोड़ की भारी कीमत चुकाई है । यदि बंगाल माकपा कांग्रेस के साथ गठबंधन या तालमेल जारी रखने का फैसला करती है तो वाममोर्चा में हमारे लिए बना रहना असंभव होगा। ’’ वर्ष 1977 से 2011 तक पश्चिम बंगाल में सत्ता में रहने वाले 10 दलों के वाम मोर्चे में माकपा, आरएसपी, भाकपा और फारवर्ड ब्लॉक बड़ी सहयोगी हैं।

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वहीं वाममोर्चा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक आरएसपी, फारवर्ड ब्लाक और भाकपा,वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने के विचार के खिलाफ थीं। यह तो माकपा नेताओं के एक वर्ग की जिद थी कि मोर्चा के घटकों को माकपा की मांग के सामने झुकना पड़ा। माकपा नेताओं ने ही इस गठबंधन का विचार रखा था। वाममोर्चा-कांग्रेस गठबंधन ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया।

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