नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के नेता अबु आजमी ने पाकिस्तानी कलाकारों से जुड़ी अभिनेता सलमान खान की टिप्पणी का स्वागत किया है, जबकि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने अभिनेता की आलोचना की।
वहीं शिवसेना ने सलमान पर फिकरे कसे और उन्हें अपने पिता सलीम खान से राष्ट्रीय गौरव का पाठ पढ़ने की सलाह दी। इससे पहले सलमान ने कहा था कि पाकिस्तान के कलाकार आतंकवादी नहीं हैं और कला एवं आतंकवाद को जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
आजमी ने अभिनेता के रूख का स्वागत करते हुए कहा कि ‘‘हमारी लड़ाई पाकिस्तान से है और हममें पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जाकर आतंकियों को मारने के लिए अपने सैनिकों पर गर्व है। लेकिन जो लोग काम के उद्देश्य से या इलाज के लिए वैध वीजा पर यहां आए हैं, उनकी बात हो तो, गर्मजोशी से उनका स्वागत करना हमारा कर्तव्य है।’’
वहीं महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने सलमान को अपने पिता एवं प्रसिद्ध पटकथा लेखक सलीम खान से राष्ट्रीय गौरव का ‘‘पाठ पढ़ने’’ की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ‘‘पाकिस्तान हमारा दुश्मन है और उन्होंने उरी में नियंत्रण रेखा पारकर हमारे जवानों को मारा है। शिवसेना हमेशा से पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंधों का विरोध करती रही है।
देसाई ने कहा कि पार्टी का मानना है कि जब ‘‘पाकिस्तानी’’ आतंकी हमलों को लेकर लोग ‘‘कड़ी’’ प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो ऐसी स्थिति में दोनों देशों के बीच कोई भी सांस्कृतिक संबंध नहीं होने चाहिए।
इसी बीच मनसे की नेता शालिनी ठाकरे ने कहा कि अगर पाकिस्तानी कलाकार अपने देश की कारगुजारियों की निंदा नहीं करते तो भारतीय कलाकारों को भी भारतीयों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। बॉलीवुड देश से बड़ा नहीं है।
उन्होंने कहा कि ‘‘फिल्म कलाकारों को मौजूदा परिस्थितियों में लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए। लोग काफी गुस्से में हैं और सलमान खान जैसे कलाकारों को उनका सम्मान करना चाहिए।’’