GST में सजा के प्रावधान होंगे नरम, 2 करोड़ रुपये तक की टैक्स चोरी पर मिलेगी तत्काल जमानत

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प्रतीकात्मक फोटो।
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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने बहुप्रतीक्षित प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सिस्‍टम को विवादों से मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने दो करोड़ रुपए तक की कथित टैक्स चोरी के मामलों में प्रावधानों को नरम बनाने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जीएसटी 1 जुलाई से लागू किया जाएगा।

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नरमी के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी व्यापारी द्वारा की गई 2 करोड़ रुपये तक की कर चोरी में तुरंत जमानत मिल जाएगी। जीएसटी परिषद की पिछली बैठक में फैसला किया गया कि गिरफ्तारी का प्रावधान सिर्फ जालसाजी तथा जुटाए गए टैक्स को सरकारी खजाने में निर्धारित समय में जमा नहीं कराने पर ही लागू होगा।

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वस्तु एवं सेवा कर को लेकर बनाई गई जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में यह फैसला लिया गया था कि ऐसे मामलों में गिरफ्तार के प्रावधानों को धोखाधड़ी और जमा किए गए टैक्स को तय समय तक सरकारी खजाने में जमा न करने जैसे मामलों तक ही सीमित रखा जाएगा।

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