ऐलान से पहले ही गठबंधन में गांठ, अखिलेश यादव की लिस्ट से कांग्रेस नाराज!

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कैंडिडेट्स
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ऐलान से पहले ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन में गांठ पड़ गई है। बताया जा रहा है कि सीएम अखिलेश यादव द्वारा समाजवादी पार्टी कैंडिडेट्स की लिस्ट से कांग्रेस नाराज है। आज अखिलेश ने एसपी के 191 उम्मीदवारों की लिस्ट घोषित किए हैं। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि दोनों को साथ में कैंडिडेट्स का ऐलान करना था, लेकिन एसपी ने ऐसा पहले ही कर दिया। और तो और जो सीट कांग्रेस ने मांगी थी, उन पर भी एसपी ने प्रत्याशी खड़े कर दिए। ऐसे में दोनों पार्टियों के गठबंधन पर संशय के बादल छा गए हैं।

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गौतमबुद्ध नगर की तीन सीट नोएडा, दादरी और जेवर पर एसपी ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए, जबकि कांग्रेस यहां से कम से कम एक सीट पाने की उम्मीद कर रही थी। वहीं, अखिलेश खेमे के नेता किरणमय नंद ने कहा है कि अमेठी सीट के अलावा लखनऊ कैंट सीट भी एसपी अपने पास ही रखेगी। बता दें कि अमेठी कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जबकि कैंट सीट पर कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को पिछली बार जीत मिली थी। हालांकि, जोशी अब बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। लखनऊ कैंट सीट पर मुलायम सिंह की पुत्रवधु अपर्णा यादव की दावेदारी के चलते कांग्रेस इसे छोड़ने पर राजी है। इसके बदले वह लखनऊ उत्तर व मध्य सीट चाहती है जबकि एसपी उसके लिए लखनऊ (पूर्व) विधानसभा छोड़ना चाहती है। एसपी यह सीट अब तक जीत नहीं पाई है।

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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस-एसपी गठबंधन में आधा दर्जन सीटों पर पेच है। एसपी अपने मंत्री गायत्री प्रजापति के लिए अमेठी सीट चाहती है। बदले में गौरीगंज सीट छोड़ने को तैयार है। सूत्रों का कहना है कि अदला-बदली में कांग्रेस रायबरेली, बछरांवा, तिलोई, हरचंदपुर और ऊंचाहार सीट मांग रही है। सरेनी पर भी दावा है। एसपी सरेनी और ऊंचाहार सीट नहीं छोड़ना चाहती, ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडेय सरकार में मंत्री हैं।

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