कावेरी जल विवाद की वजह से अमेजॉन और फ्लिपकार्ट को भारी नुकसान की आशंका

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भारतीय और विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने कथित तौर पर अपने कर्मचारियों को घर में ही रहने की सलाह दी है.

सोमवार को जैसे ही बेंगलुरु में हिंसा भड़की, कई दफ्तरों को मजबूरन जल्द बंद करना पड़ा. साथ ही सभी स्कूल, कॉलेज भी बंद कर दिए गए. यह प्रदर्शन उस समय शुरू हुए जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह बात साफ हो गया कि कर्नाटक को कावेरी नदी से पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को ज्यादा पानी देना होगा.

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भीड़ ने तमिलनाडु के रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की. बेंगलुरु के पास एक डिपो में करीब 30 बसों को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस की फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत भी हो गई. बेंगलुरु में कई बड़ी कंपनियों जैसे- इंफोसिस, विप्रो, एम्फैसिस, ओला और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के मुख्यालय हैं.

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यहां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, ओरेकल और अमेजॉन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दफ्तर भी हैं. आईटी कंपनियों ने भारी नुकसान की आशंका जताई है. उद्योग संगठन एसोचैम ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि इन प्रदर्शनों के चलते कर्नाटक खासकर बेंगलुरु को करीब 22,000 से 25,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है।

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