अब खरीद सकेंगे सस्ते मकान, जाने कैसे

0
प्रॉपटी
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

नोटों पर बैन के चलते हर किसी पर इसका असर देखने को मिल रहा है। चाहे वो शेयर बाजार हो, या फिर रियल एस्टेट सेक्टर। ब्लैक मनी पर सख्ती से हर किसी की हालत खराब हो रखी है। लेकिन यह होम बायर्स के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। जो लोग अब तक घर खरीदने के लिए इसकी कीमत कम होने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह सही टाइम हो सकता है। रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन में कैश कंपोनेंट घटने से सेकंड्री मार्केट में जेनुइन बायर्स आएंगे, जबकि पहले काले धन को छिपाने के लिए इन्वेस्टर्स इसका इस्तेमाल करते थे। इससे प्रॉपर्टी के दाम में कमी आ सकती है।

इसे भी पढ़िए :  महाराष्ट्र: अस्पताल ने नहीं लिए पुराने नोट, इलाज में देरी से हुई नवजात की मौत

कुछ एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि दिल्ली एनसीआर जैसे मार्केट्स में घरों की कीमत 30 पर्सेंट तक कम हो सकती है। हाल ही में खत्म हुए फेस्टिव सीजन में भी घरों की सेल्स कमजोर रही है। इस वजह से भी आने वाले वक्त में बिल्डर्स की तरफ से डिस्काउंट बढ़ाए जाने की उम्मीद की जा रही है।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी के बीच भी मारुति-टोयोटा की नवंबर की बिक्री में बढ़ोतरी

कुछ अन्य वजहों से भी बाजार का माहौल एंड यूजर्स यानी अपने रहने के लिए घर खरीदने वालों के लिए अच्छा हो गया है। इंटरेस्ट रेट में लगातार गिरावट आ रही है। इससे होम लोन सस्ता हुआ है। 2015 के बाद से इंटरेस्ट रेट में 1.25 पर्सेंट की गिरावट आ चुकी है। आगे भी इसमें कमी की उम्मीद की जा रही है। रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डिवेलपमेंट) ऐक्ट, 2016 में होम बायर्स के हितों की रक्षा के उपाय किए गए हैं। इस कानून से पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इसमें बिल्डर्स के पजेशन में देरी करने पर भारी पेनल्टी का प्रावधान रखा गया है।

इसे भी पढ़िए :  विदेशी होटलों के दामों को कम करने के लिए रचा जा रहा है षड्यंत्र: सहारा
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse