5 of 7
Use your ← → (arrow) keys to browse

इतना ही नहीं वैरिफिकेशन से कैसे बचना है, कैसे बैंक की आंखों में धूल झोंकनी है, कैसे खुद को टैक्स के फंदे से बचाना है और कैसे बचत खाते का गलत इस्तेमाल कर उसे कंपनी अकाउंट की तरह इस्तेमाल करना है। ये तमाम गुर भी इन कंपनियों के अधिकारियों ने हमारी टीम को बेझिझक बता दिए। इनका तो सिर्फ एक ही मकसद था कि कैसे ज्यादा से ज्यादा मशीनें बेचें और कैसे अपना मुनाफा कमाएं। भले ही इस कोशिश में अपराधिक प्रवृति के लोगों को फायदा पहुंचे और भले ही सरकार को मोटा चूना लग जाए। इसकी इऩ्हें कोई परवाह नहीं। ये तो बस अपना फायदा कमाना चाहते हैं।

इसे भी पढ़िए :  असम: भारतीय वायुसेना का विमान लापता, अनहोनी की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी

सैक्स रैकेट चलाने वाले किस तरह स्वाइप मशीन के जरिए पेमेंट ले सकते हैं और उसे अपने बचत खाते में जमा करा सकते हैं। हवाला का कारोबार करने वाले तीस लाख तक की कमाई को कैसे बिना टैक्स दिए हजम कर सकते हैं, रिश्वत खोरी करने वाले कैसे 10 रूपये से लेकर हजारों रूपये तक की रिश्वत इन मशीनों के जरिए ले सकते हैं। ये तमाम हथकंडे स्वाइप मशीन बेचने वाली कंपनियों के अधिकारियों ने बताए।

इसे भी पढ़िए :  मुश्किल में मायावती: सात साल में सातवें आसमान पर पहुंची माया के भाई की संपत्ति, IT करेगा जांच

आगे पढ़ने के लिए अगले स्लाइड पर क्लिक करें

5 of 7
Use your ← → (arrow) keys to browse