सुरक्षा परिषद में कश्मीर में जनमत संग्रह मामले पर मिली हार के बाद पाकिस्तान तिलमिलाया

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दिल्ली: एक बार फिर कश्मीर का राग अलापते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि घाटी में जनमत-संग्रह कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों पर अमल नहीं किया जाना संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी नाकामी है।

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संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने कल महासभा में ‘स्पेशल पॉलिटिकल एंड डीकोलोनाइजेशन कमिटी’ की एक बहस के दौरान कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर विवाद के समाधान के बगैर संयुक्त राष्ट्र का अनौपनिवेशकरण का एजेंडा अधूरा रहेगा।’’ लोधी ने कहा कि कश्मीरी लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार देने के लिए संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक जनमत संग्रह कराने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पारित किए जाने के छह दशक बीत जाने के बाद भी इसे अमल में नहीं लाया जा सका है।

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उन्होंने कहा, ‘‘यह संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी नाकामी है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीरियों ने पीढ़ी दर पीढ़ी सिर्फ टूटे वादे और क्रूर दमन देखे हैं।

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