पाक के अंदर उठी आवाज, हाफिज और मसूद पर कार्रवाई क्यों नहीं कर सकते?

0
हाफिज सईद
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग अब पाकिस्तान के अंदर से ही उठने लगी है। पाकिस्तान के एक लोकप्रिय अखबार ने बुधवार को सरकार और सेना से पूछा कि आखिर जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करना, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘खतरा’ क्यों है?

इसे भी पढ़िए :  मसूद अजहर इस साल के अंत में घोषित होगा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी

खास बात यह है कि यह सख्त संपादकीय सेना और सरकार के करीबी माने जाने वाले ‘द नेशन’ अखबार में छपा है। यह संपादकीय ऐसे वक्त में लिखा गया है जब एक पत्रकार को निशाना बनाने को लेकर पाकिस्तानी सरकार और सेना सवालों के घेरे में हैं। सेना और सरकार के बीच तनातनी को लेकर खबर छापने वाले डॉन अखबार के पत्रकार साइरिल अल्‍मीडा के पाकिस्तान छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। साइरिल ने अपनी खबर में बताया था कि किस तरह हक्कानी नेटवर्क, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के समर्थन को लेकर सेना और सरकार में अनबन चल रही है।

इसे भी पढ़िए :  खुफिया रिपोर्ट में पाक की नापाक साजिश का खुलासा, सीमापार से भारत भेजे जाएंगे 100 आतंकी

संपादकीय में कहा गया है, ‘सरकार और सेना, हाफिज सईद और मसूद अजहर पर कार्रवाई करने के बजाय प्रेस को लेक्चर दे रही हैं। यह परेशान करने वाली बात है कि सरकार और सेना के लोग मीडिया को बता रहे हैं कि उसे कैसे अपना काम करना है।’

इसे भी पढ़िए :  सर्जिकल स्ट्राइक से घबराए पाकिस्तान ने उठाए ये कदम...
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse