पांचवां मैच जीतते ही ये इतिहास रच देगी न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम

0
2 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

वर्ष 1988 से भारत में हुई चारों द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा है। मौसम ने अगर साथ दिया तो टीम इंडिया डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में सफलता हासिल करने की भूखी होगी जहां उसने चार मैच जीते हैं और एक गंवाया है। भारत ने अपनी पिछली एकदिवसीय श्रृंखला श्रीलंका के खिलाफ नवंबर 2014 में 5-0 के क्लीनस्वीप के साथ जीती थी और धोनी अपने करियर के अंतिम पड़ाव में श्रृंखला गंवाना नहीं चाहेंगे। अगले साल जून में होने वाली चैम्पियन्स ट्राफी से पहले भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ तीन और एकदिवसीय मैच खेलने हैं।

इसे भी पढ़िए :  यूरो कप 2016: आयरलैंड को हरा क्वार्टर फाइनल में पहुंचा फ्रांस

मौजूदा श्रृंखला में टीम इंडिया की टेस्ट कप्तान विराट कोहली पर अधिक निर्भरता भी उजागर हुई है और टीम ने अपनी दो जीत उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत की दर्ज की हैं। रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे की सलामी जोड़ी ने अब तक निराश किया है। दूसरी तरफ कोहली ने धर्मशाला में नाबाद 85 और फिर मोहाली में नाबाद 154 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। रांची में चौथे एकदिवसीय में 261 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रहाणे ने अर्धशतक जड़ा जबकि कोहली भी धीमे विकेट पर लय में दिखे लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद अनुभवहीन मध्यक्रम ढह गया। सफलता मिले या नहीं सलामी बल्लेबाज रोहित टीम के स्थायी सदस्य हैं और धोनी युवा मनदीप सिंह को मौका देने के मूड में नहीं दिख रहे।

इसे भी पढ़िए :  जल्द ही कप्तानी छोड़ने वाले हैं वनडे टीम के कप्तान धोनी ?

रोहित ने पिछली बड़ी पारी आस्ट्रेलिया में खेली थी और पिछले नौ महीने में वह किसी भी प्रारूप में शतक नहीं बना पाए हैं। मौजूदा श्रृंखला में वह सिर्फ 14, 15, 13 और 11 रन की पारियां खेल पाए हैं। धोनी ने इसी मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ 123 गेंद में 148 रन बनाकर पहली बार सुर्खियां बटोरी थी और टीम नौ विकेट पर 356 रन बनाने में सफल रही थी। धोनी ने हालांकि रांची में पिछले मैच में 31 गेंद में सिर्फ 11 रन बनाकर निराश किया और जेम्स नीशाम की सीधी गेंद को चूककर बोल्ड हुए। गेंदबाजी में हालांकि भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया है विशेषकर अमित मिश्रा, अक्षर पटेल और कामचलाऊ स्पिनर केदार जाधव की तिकड़ी ने जिसके कारण भारत को नियमित स्पिनरों आर अश्विन और रविंद्र जडेजा की कमी नहीं खली है।

इसे भी पढ़िए :  नरसिंह यादव पर लगा 4 साल का प्रतिबंध, रिओ से हुए बाहर
2 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse