आजम खान ने कहा, कांग्रेस से गठबंधन ‘कम बुरे’ को चुनने जैसा

0
आजम खान
फाइल फोटो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

यूपी सरकार में मंत्री और सपा नेता आजम खान  का कहना है कि यूपी में कांग्रेस के साथ गठबंधन करना ‘कम बुरे’ को चुनने जैसा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी से मुकाबला करने के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक साथ आने की जरूरत है और इसी वजह से गठबंधन किया गया।

 

खान ने प्रतिद्वंद्वी पार्टी बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को 97 टिकट देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि मायावती की अगुवाई वाली यह पार्टी अगर मुसलमानों को लुभाना चाहती है, उसे 403 सीटें इसी समुदाय के प्रतिनिधियों को देनी चाहिए थी।

इसे भी पढ़िए :  केन्द्र को घेरने की तैयारी में राहुल गांधी, रोडमैप तैयार

 

 

आजम ने कहा, “राजनीति की प्रयोगशाला में राजनीति विज्ञान के प्रयोग होते हैं…बिहार में महागठबंधन का प्रयोग हुआ। बिहार में यह प्रयोग सफल रहा और आम लोगों के बीच राय थी कि समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष या इसके करीब लोगों या जो लोग कभी धर्मनिरपेक्ष रहे हैं, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण रास्ता भटक गए हैं और फिर से इस पर आने चाहते हैं, उन्हें एकसाथ आना चाहिए और मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए।” खान ने कांग्रेस के साथ मिलकर यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने के समाजवादी पार्टी के फैसले के बारे में पूछे जाने पर यह बात कही। खान पहले कांग्रेस पार्टी की आलोचना को लेकर काफी मुखर रहे हैं और वह पार्टी को मुसलमान समुदाय के साथ झूठ वादे करने का दोषी भी ठहरा चुके हैं।

इसे भी पढ़िए :  फतेहगढ़ जिला जेल पर कैदियों का कब्जा, हिंसा में डीएम समेत 6 लोग घायल

 

उन्होंने कहा कि मुसलमानों का कांग्रेस के साथ रिश्ते का लंबा इतिहास रहा है और यह सिलसिला आजादी की लड़ाई के वक्त से ही है। मौलाना आजाद, मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल पार्टी के अध्यक्ष या अहम नेता रहे हैं।

इसे भी पढ़िए :  पंजाब में कैप्टिन अमरिंदर सिंह आज लेंगे CM पद की शपथ, सरकार में क्या होगा सिद्दू का किरदार? यहां पढ़ें

क्लिक कर पढ़ें बाकी खबर

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse