विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह- भारत के बद्तर टीकाकरण रिकॉर्डस में गुजरात भी शामिल

0
गुजरात
प्रतिकात्मक तस्वीर
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

एक अध्ययन में सामने आया है कि गुजरात में टीकाकरण होने वाले बच्चों की संख्या सबसे कम है। साल 2015-16 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 50.4 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हुआ है। रत के इस चौथे सबसे समृद्ध राज्य (2013-14 के स्थिर मूल्यों) में प्रतिरक्षण दर देश के पिछड़े राज्यों से भी नीचे है। बताते चलें कि देश के बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य उन पिछड़े राज्यों में शमिल हैं, जिन्हें सामुहिक रूप से बीमारू राज्य हैं।

इसे भी पढ़िए :  यूपी में जिस एजेंडे पर बीजेपी ने जीता चुनाव, अब उसी चुनावी तरकीब को गुजरात में अपनाएगी कांग्रेस

हालांकि, पिछले एक दशक में गुजरात की टीकाकरण दर में 11.5 फीसदी की वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन यह अब भी 62 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से 11.6 फीसदी नीचे है। यह जानकारी वर्ष1991 से वर्ष 2015-16 तक राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़ों पर इंडियास्पेंड द्वारा किए गए विश्लेषण में सामने आई है।

इसे भी पढ़िए :  गुजरातः जहरीला चारा खाने से 80 गायों-बछड़ों की बिगड़ी हालत, 65 की मौत

वर्ष 2005-06 में राज्य 45.2 फीसदी टीकाकरण कवरेज के साथ भारत के 43.5 फीसदी के औसत से ऊपर था। हाल ही में, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम और मेघालय के साथ बीमारु राज्यों का टीकाकरण रिकॉर्ड देश भर में सबसे बद्तर था।

इसे भी पढ़िए :  शिवसेना ने मोदी सरकार का भंडा फोड़ने की दी धमकी

प्रतिरक्षण कवरेज में रुझान

Source:National Family Health Survey

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें बाकी की खबर

Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse