महबूबा सरकार से नाराज पुलिसवाले बोले- शहादत पर सियासत मत करो

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पुलिस
फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकी हमले के बीच पुलिस ने राज्य सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, राज्य सरकार अलगाववादियों के प्रति नरम रुख अपनाना चाहती है। नाम ना आने की शर्त पर कुछ सीनियर अधिकारियों ने कहा कि घाटी में आतंक से मुकाबला करने की बजाय राज्य सरकार उनको (पुलिस) संयम से काम लेने को कहती है। अधिकारियों ने बताया कि महबूबा सरकार ने पुलिस को निर्देश जारी किए हुए हैं जिनमें लिखा है कि आतंकियों का सामने करते वक्त पुलिस को जहां तक हो सके संयम से काम लेना चाहिए।

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खबर के मुताबिक, एक नाराज अधिकारी ने कहा कि ‘जमियत ए इस्लामी’ के काफी कार्यकर्ता पीडीपी से जुड़े हुए हैं और उन्होंने 2014 के चुनाव में पीडीपी को जिताने में अहम भूमिका अदा की थी जिसकी वजह से सरकार अलगाववादियों के लिए नरम है जबकि वे लोग कथित तौर पर पुलिस के बारे में लोगों से उल्टा-सीधा बोलते हैं।

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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लगातार कई दिनों से मुठभेड़ की खबरें सामने आ रही हैं। 16 जून को अनंतनाग जिले के अचबल में एक पुलिस पार्टी पर आतंकियों ने हमला कर दिया था जिसमें 6 पुलिस अफसर शहीद हो गए थे। हमले में कई जवान घायल भी हो गए थे। आतंकियों ने घात लगाकर पुलिस पार्टी पर हमला किया था। वहीं शहीद हुए जवानों में एसएचओ फिरोज डार भी शामिल थे।

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इस साल आतंकी हमलों या मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए 14 जवानों को पुलिस अफसर अपने एक दिन का वेतन दान करेंगे। शहीद हुए पुलिस अफसरों में 2 एसपीओ भी हैं जिनके परिजनों को पैसा दान करने का फैसला लिया गया है।