‘फयाज को आतंकियों ने तड़पा-तड़पा कर मारा था’

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फयाज

22 वर्षीय कश्मीरी सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज को आतंकवादियों ने मारने से पहले काफी यातनाएं दी थीं। सूत्रों के मुताबिक, राजपूताना राइफल्स के लेफ्टिनेंट फयाज के शरीर पर कई घाव के निशान थे। आतंकवादियों ने फयाज को बंदूक की बट से बुरी तरह से पीटा था। न्यूज चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक, फयाज के जबड़े और पेट पर भी बंदूक की गोली के घाव के निशान थे।

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फयाज का शव जम्मू-कश्मीर के शोपियां में उसके गांव से करीब 30 किमी की दूरी पर पाया गया था। फयाज अपने एक कजन की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। आतंकी कार्यक्रम से उसे अगवा कर ले गए और गोलियों से भूनकर छलनी कर दिया।

फयाज के साथियों ने बताया, वह पांच महीने पहले ही आर्मी की राजपूताना राइफल्स रेजीमेंट में आया था और छुट्टी लेकर घर गया था। वह बिना हथियार लिए ही अपने गांव चल पड़ा जबकि वह खतरों को जानता था।

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फयाज को ट्रेनिंग देने वाले मेजर अवधेश चौधरी ने कहा, ‘उसके अंदर गजब का उत्साह नजर आता था, वह कुछ साबित करना चाहता था। उसकी आंखों में एक चमक थी। मुझे उसकी ये बातें बहुत प्रभावित करती थीं।’

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एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि फयाज ने आर्मी जॉइन करने के बाद पहली बार छुट्टी ली थी। वह 25 मई को छुट्टी से वापस आने वाले थे। फयाज की हत्या से स्थानीय कश्मीरियों में गुस्सा है और उन्होंने इसके पीछे शामिल लोगों को सजा दिए जाने की मांग की है