शिवसेना को किसका साथ पसंद है, कमल या हाथ पसंद है?

0
बहुमत
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में शिवसेना भले ही पहले की तरह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो लेकिन बहुमत से दूर रखकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया है। 227 सीटों वाली बीएमसी के जो चुनाव नतीजे आए हैं उसके मुताबिक उद्धव को उसपर अपना राज कायम रखने के लिए या तो पहले की तरह बीजेपी के साथ जाना होगा या फिर कांग्रेस से हाथ मिलाना होगा।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी: कैश की किल्लत के चलते बच्चों को रहना पड़ा भूखा, आंगनवाड़ी के पास नहीं थे खाना खिलाने के भी पैसे

बीएमसी की 227 में से 225 सीटों के नतीजे में शिवसेना को जहां 84 सीटें मिली हैं वहीं बीजेपी के खाते में 80 सीटें गई हैं। बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत है। यानी राज ठाकरे की एमएनएस की 7, एनसीपी की 9 और अन्य की 7 सीटें भी जोड़ लें तो भी शिवसेना बहुमत के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। ऐसे में उसे सत्ता के लिए उसी बीजेपी से हाथ मिलाना होगा जिसे वो गठबंधन टूटने के बाद से ही जमकर खरी-खोटी सुनाती आई है।

इसे भी पढ़िए :  कांग्रेस के होर्डिंग्स पर प्रणब की फोटो, राष्ट्रपति भवन ने जताई आपत्ति, EC को लिखा लेटर
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse