पणजी में देशभक्तों का कहर, राष्ट्रगान में खड़े ना होने पर अपाहिज की जमकर की धुनाई

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चतुर्वेदी ने एक सैन्य अधिकारी के बेटे है, लेकिन वह किसी भी तरह के हिंसा का जवाब देने वाले व्यक्तियों में से नहीं है। हालांकि शारीरिक रूप से चोट के कारण भी उस अकारण हमले से उन्होने खामोशी से पूछा – “क्यों तुम लोग आराम से नहीं बैठते हो? आप किसी की कहानी नही जानते हो। आपको कभी पता नहीं चलेगा”। लेकिन वो पति-पत्नि फिर से सलिल पर चिल्लाए राष्ट्रगान पर खड़े नहीं होने के लिए लेकिन फिर पुलिस केस के डर से उन्हे अपनी गलती का एहसास हुआ और वो बाहर आ गए,

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इस हादसे के बाद सलिल कभी फिल्में देखने बाहर नहीं गए उन्होने कहा ‘मैं नहीं जा सकता हूं और मेरी रीढ़ की हड्डी में चोट और आएगी। मुझे समझ में नहीं आता कि देशभक्ति को व्यक्त करने के लिए इतने सारे लोग एक गैर-आक्रामक तरीका केसे अपना सकते हैं मेंने सोच लिया है कि राष्ट्रीय गान बजने के बाद भी अगर मैं खड़ा हो सका तो नहीं हूंगा क्योकिं ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाएगा। मेरे पिता एक वायु सेना के एक अनुभवी व्यक्ति है। मैंने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में व्हीलचेयर टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व किया है। मेरे जीवन को देखो! कौन होते हो आप लोग ये न्याय करने वाले कि मुझे भारत से कितना प्यार है?

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