बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच जेडीयू के नेता शरद यादवके सामने राजनीतिक अस्तित्व बचाने को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नीतीश ने जिस तरह से आरेजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से रिश्ता तोड़कर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है यह शरद यादव को नागवार गुजरा। सूत्रों की मानें तो शरद यादव को पार्टी से निलंबित किया जा सकता है, उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
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पार्टी शरद यादव को राज्यसभा के नेता पद से हटा सकती है, पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर उनकी सदस्यता जा सकती है। उनकी जगह किसी नए नेता का चुनाव हो सकता है। वही शरद यादव ने बताया कि वह उन्होंने कहा कि वे 10 अगस्त से 12 अगस्त के बीच बिहार के 7 जिलों में यात्रा कर आम लोगों से जनसंवाद करेंगे।
































































