तमिलनाडु में नहीं होगा जल्लीकट्टू, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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जल्लीकट्टू तमिलनाडु का एक परंपरागत खेल है, जिसमें बैल को काबू में किया जाता है। यह खेल काफी सालों से तमिलनाडु में लोगों द्वारा खेला जाता है। तमिलनाडु में मकर संक्रांति का पर्व पोंगल के नाम से मनाया जाता है। इस खास मौके पर जल्लीकट्टू के अलावा बैल दौड़ का भी काफी जगहों पर आयोजन किया जाता है। एक्सपर्ट मानते हैं कि जल्लीकट्टू तमिल शब्द सल्ली और कट्टू से मिलकर बना है। जिनका मतलब सोना-चांदी के सिक्के होता है जो कि सांड के सींग पर टंगे होते हैं। बाद में सल्ली की जगह जल्ली शब्द ने ले ली ।

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