पढ़िए आखिर क्यों, अखिलेश-मुलायम के दंगल के कारण लालू हैं परेशान

0
3 of 4
Use your ← → (arrow) keys to browse

लेकिन लालू यादव की असल दिक्कत इस बात को लेकर है कि अब हर दिन बिहार के उनके समर्थकों में अखिलेश चर्चा का केंद्र रहेंगे और यहां उनके दोनों बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी यादव के ‘परफॉरमेंस’ पर चर्चा केंद्रित होगी। अखिलेश आज पूरे देश में चर्चा के केंद्र में हैं, तब उनका काम मुख्य आधार रहा हैं और लालू यादव खुद भी जानते हैं कि सब जानते हैं कि अपने बेटों के विभाग का रिमोट उनके पास रहने के बावजूद अखिलेश को छोडि़ए, लेकिन नीतीश कुमार के पूर्व के बीजेपी के मंत्रियों से भी तुलना करने के लायक उनका कार्यकाल नहीं रहा है। फ़िलहाल लालू यादव ने अपने दोनों बेटो के हिस्से में आठ विभाग रखे हैं और कई विभाग के दफ्तर में भी उनके बेटे तेजप्रताप यादव महीनों नहीं जाते। अपने विभाग के कार्यक्रम में भी तेजप्रताप का नदारद रहना चर्चा का विषय होता हैं। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपने एक विभाग पथ निर्माण में रूचि तो लेते हैं, लेकिन अन्य विभागों के कामकाज में जितना सोशल मीडिया में उनकी सक्रियता रहती हैं, उतनी कभी नहीं देखी गई।

इसे भी पढ़िए :  अखिलेश के लिए रास्ता छोड़ देने में 'खुशी' महसूस होगी: शीला दीक्षित
3 of 4
Use your ← → (arrow) keys to browse