अब अखिलेश सरकार द्वारा बांटे गये इस पुरस्कार पर गिरेगी योगी की गाज

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

यही नहीं समाजवादी पार्टी दफ्तर में काम करने वाले उन दो कर्मचारियों को पत्रकारिता की श्रेणी में यूपी का सबसे बड़ा पुरस्कार दे दिया गया, जिनका पत्रकारिता से कोई वास्ता नहीं है। अखिलेश के इस फैसले पर भी सवाल उठे। योगी ने कहा है कि गलत लोगों को पुरस्कार देकर इस सम्मान की गरिमा नहीं गिरानी चाहिए। अगर जांच में पाया गया कि पुरस्कार पाने वाले इसके हक़दार नहीं थे तो सम्मान तो अब वापस नहीं हो सकता लेकिन उनको ताउम्र मिलने वाली 50 हज़ार रुपये महीना पेंशन बंद हो सकती है।

इसे भी पढ़िए :  कांग्रेस संग गठबंधन बन सकता है अखिलेश के लिए मुसीबत, शिवपाल-अमर कर रहे हैं पत्ता साफ करने की प्लानिंग !

 

1994 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह द्वारा शुरू किया गया यह अवॉर्ड  यूपी से ताल्लुक रखने वाले ऐसे लोगों को दिया जाता है जिन्होंने ने कला, संस्कृति, साहित्य या खेलकूद के क्षेत्र में देश के लिए नाम कमाया हो। हालांकि अमिताभ बच्चन परिवार को यह अवॉर्ड तो मिला है, लेकिन वह इसकी पेंशन नहीं लेते।

इसे भी पढ़िए :  पहली बार एकसाथ रैली कर सकते हैं अखिलेश यादव और मायावती
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse