तसलीमा नसरीन बोलीं, भारत में तत्काल ‘समान नागरिक संहिता’ लागू करने की जरूरत

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फाइल फोटो।
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नई दिल्ली। जयपुर में चल रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में सोमवार(23 जनवरी) को बांग्लादेश की विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन ने भी शिरकत की। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पक्षधर नसरीन ने कहा कि भारत को ‘समान नागरिक कानून’ को तत्काल प्रभाव से लागू करने की जरूरत है। गौरतलब है कि कट्टरपंथियों की नाराजगी झेलने के बाद तसलीमा साल 1994 से निर्वासित जीवन जी रही हैं।

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तसलीमा ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं उत्पीड़ित हैं और इसलिए उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए समान नागरिक कानून वर्तमान में वक्त की मांग है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए? क्या यह लोकतंत्र है?

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प्रसिद्ध लेखिका ने कहा कि अगर हिन्दुओं के लिए आपके पास कानूनों का एक समुच्चय है, अगर हिन्दू महिलाएं अपने पतियों को तलाक दे सकती हैं और संपत्ति में उनका एक हिस्सा है और हमने देखा है कि यह किताना प्रगतिशील रहा है, तब इस्लामिक कट्टरपंथी समान नागरिक कानून के क्यों विरोधी हैं? क्या समान नागरिक कानून लोकतांत्रिक नहीं है?

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हालांकि, मुस्लिम संगठनों ने तस्लीमा के शामिल होने पर विरोध जताया। आयोजन स्थिल डिग्गीि पैलेस के बाहर मुसलमान संगठनों ने लेखिका के खिलाफ नारेबाजी की। बढ़ते विरोध के बाद आयोजक संजॉय रॉय ने आश्वासन दिया कि भविष्य में तस्लीमा और सलमान रुश्दी को नहीं बुलाया जाएगा।

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