मानव तस्करी : 17 साल तक जल्लादों की कैद में रहीं दो बहने, पूरी कहानी पढ़कर हैरान रह जाएंगे

0
मानव
फोटो साभार
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

मानव तस्करी के दलदल में फंसी बड़ी बेटी को जब बेबस बाप लाख कोशिश के बाद भी नहीं निकाल सका तो छोटी बेटी को उसी दलदल में धकेल दिया. इस अंतिम आस के साथ कि शायद अब बड़ी को इससे मुक्ति मिले. पर पिता का यह दांव भी खाली रहा. हाल ही सीडब्लूसी की पहल से वापस लौटीं बेटियों ने मीडिया को अपनी दास्तान सुनाई.

इसे भी पढ़िए :  टल गई भारी तबाही, गहरे दबाव से कमजोर पड़ा समुद्री तूफान 'क्यांट'

गुमला जिला में एक परिवार पिछले सात सालों से बुरी तरह से परेशान रहा. दरअसल गांव के ही परिचित ने बहला फुसला कर दलाल के माध्यम से कानपुर में रुप सिंह के घर मोना (बदला नाम) को बेच दिया. वहां मोना से जानवरों की तरह काम कराया जाता था. इसके बदले पैसे तो दूर, दो समय का खाना तक नहीं मिलता. इस बीच पिता जब भी मोना से मिलने आता, मोना को कमरे में बंद कर दिया जाता. वहीं बेबस पिता को बंदूक दिखा कर जान मारने की धमकी दी जाती.

इसे भी पढ़िए :  राम रहीम के समर्थक ने अंबाला की जेल में की खुदकुशी

बचाने गई बेटी भी फंसी
बेटी को मुक्त करने की पिता की गुहार पर एक बार गृह स्वामी ने छोटी बेटी की मांग कर दी. लंबे समय से यातना झेल रही बड़ी बेटी को मुक्त कराने की चाहते में छोटी बेटी को पिता खुद वहां ले कर गए. पर जल्लादों ने दोनों को ही रोक लिया.
अगले पेज पर पढ़िए – कैसे बचीं बहनें

इसे भी पढ़िए :  शिवपाल के करीबी मंत्री के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, 26 साल से था कब्जा
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse