शराबबंदी के बाद बिहार से रूठे सैलानी, 21 लाख कम हुई मेहमानों की संख्या

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फोटो: साभार

नई दिल्ली। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद भले ही नीतीश कुमार की हर जगह तारीफ हो रही हो, लेकिन पर्यटन उद्योग को करारा झटका लगा है। जी हां, शराबबंदी के बाद राज्य में सैलानियों की संख्या में लगातार गिरावट जारी है।

सूबे के पर्यटन क्षेत्र पर शराबबंदी का जबरदस्त नाकारात्मक असर हुआ है। पर्यटन निदेशालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक, शराबबंदी ने बीते दो महीने में ही पर्यटन क्षेत्र को लगभग 21 लाख पर्यटकों का नुकसान करा दिया है।

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पर्यटन निदेशालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक 2015 के जून महीने में बिहार में 6 लाख 43 हजार 692 पर्यटक आए, जबकि जुलाई 2015 में ये संख्या 28 लाख 64 हजार 826 तक जा पहुंची। अब अगर 2016 की बात करें तो जून में बिहार में 8 लाख 11 हजार 799 पर्यटक आए, जबकि जुलाई में ये संख्या महज 15 लाख 51 हजार 863 तक ही जाकर सिमट गई।

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जानकारों का कहना है कि बिहार के पर्यटन क्षेत्र को इतना बड़ा सदमा बोधगया में हुए बम बलास्ट के बाद भी नहीं लगा था। बलास्ट के बाद विदेशी पर्यटकों की संख्या में 3 लाख की गिरावट हुई थी, लेकिन शराबबंदी ने बीते दो महीने में ही पर्यटन क्षेत्र को लगभग 21 लाख पर्यटकों का नुकसान करा दिया है। पर्यटकों की संख्या में सबसे ज्यादा गिरावट राजगीर में हुई है। राजगीर में जहां बीते साल जून-जुलाई में 25 लाख पर्यटक आये थे। वहीं इस साल इन दो महीनों में यहां केवल डेढ़ लाख पर्यटक आए हैं।

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