खतरे में गांधी-नेहरू परिवार का गढ़, अमेठी-रायबरेली से कांग्रेस का हो सकता है सफाया

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गांधी-नेहरू
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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में मिलकर लड़ने की घोषणा तो कर दी है लेकिन सूबे में गांधी-नेहरू परिवार का गढ़ माने जाने वाले जिलों अमेठी और रायबरेली में आने वाली 10 विधान सभा सीटों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद हैं और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से। अभी इन 10 में से सात सीटों पर सपा विधायक हैं।

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गठबंधन के तहत कांग्रेस यूपी की कुल 403 विधान सभा सीटों में से 105 पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन अमेठी और रायबरेली की 10 सीटों में से पांच पर सपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अब कांग्रेस के स्थानीय नेता इन सीटों को सपा को देने का विरोध कर रहे हैं।

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2014 के लोक सभा चुनाव में प्रदेश की 80 संसदीय सीटों में से कांग्रेस को केवल इन्हीं दो सीटों पर जीत मिली थी। वहीं सपा को भी केवल पांच संसदीय सीटों पर जीत मिली थी और सभी विजयी उम्मीदवार मुलायम सिंह यादव परिवार के सदस्य थे।

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