अलगाववादियों से किनारा कर रहे हैं कश्मीरी, 90 दिनों के बंद का असर

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श्रीनगर : आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद अलगाववादियों की बंद की सियासत ने गुरुवार को कश्मीर में 90 दिन पूरे कर लिए। बंद से परेशान होकर धीरे-धीरे घरों से बाहर निकल कर सामान्य कामकाज निपटाने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। बंद अब सिर्फ दुकानों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट या फिर कुछ इलाकों में भारत विरोधी प्रदर्शनों तक सीमित रह गया है।

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हालांकि, बुधवार की शाम कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी के नेतृत्व में अलगाववादी खेमे ने हड़ताली कैलेंडर जारी किया है।लेकिन गुरुवार सुबह कैलेंडर की हवा निकलती नजर आई। सड़कों पर निजी वाहनों की भीड़ सामान्य दिनों की तरह ही थी। सिर्फ सार्वजनिक वाहन ही सड़कों से गायब थे। कई इलाकों में सुबह 11 बजे तक दुकानें खुली रही। अलबत्ता, लालचौक में कोई दुकान नहीं खुली। रेहड़ी और ठेलेवालों की भीड़ न सिर्फ श्रीनगर में बल्कि कश्मीर के अन्य हिस्सों में दिनभर सड़कों पर मौजूद रही जहां आम नागरिक अपने लिए जरूरी सामान बिना किसी खौफ के खरीदते रहे।
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