‘जलवा जिसका कायम है, उसका नाम मुलायम है’ का राजनीतिक सफर अंतिम पड़ाव में, पढ़िए पूरा घटनाक्रम

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बहरहाल, अंबिकानंद सहाय ये मानते हैं कि समाजवादी घमासान से आख़िर में जो सबसे ज़्यादा ख़ुश होगा वो मुलायम सिंह होंगे। वे कहते हैं, “नेताजी भले हारते दिख रहे हों, लेकिन एक बाप तो जीत ही रहा है।”

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वहीं शशि शेखर कहते हैं, “उगते हुए सूर्य को सब सलाम करते हैं। समाजवादी पार्टी में अखिलेश उगते हुए सूर्य हैं, मुलायम अस्त होते सूर्य।”

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हालांकि अंबिकानंद सहाय, शशिशेखर और शरद गुप्ता तीनों ये मानते हैं कि राजनीतिक तौर पर मुलायम इससे सम्मानजनक ढंग से विदाई के हक़दार थे, जो संभव नहीं हो पाया।

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