शरद गुप्ता कहते हैं, “ये अपने आप में पहला उदाहरण है, जब किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने ही मुख्यमंत्री को पार्टी से निकाल दिया हो। लेकिन मुलायम ऐसा कर सकते थे, क्योंकि उन्हें ये लगने लगा था कि अखिलेश उनकी सुन ही नहीं रहे हैं।”
समाजवादी पार्टी के अंदर जो कुछ चल रहा है, उसे कुछ विश्लेषक मुलायम सिंह का ही स्टेज ड्रामा भी बता रहे हैं। इस पर अंबिकानंद सहाय कहते हैं, “कुछ संकेत तो इसके भी मिलते हैं। हालांकि मुलायम ने सबको ऐसी भूमिका अदा करने के लिए कहा हो, ये संभव नहीं दिखता। लेकिन राजनीति में हर बातें कही नहीं जाती।”
इसे भी पढ़िए : आज CM आवास में जाएंगे योगी आदित्यनाथ...लेकिन गृह प्रवेश से पहले होगी पूजा और शुद्धीकरण
शरद गुप्ता इससे इत्तेफाक़ नहीं रखते। वे कहते हैं, “मुलायम इतने हल्के नेता नहीं रहे हैं। वे अपने बेटे को पार्टी से निकाल सकते हैं, तो शिवपाल को झटके से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।”































































